11 हजार लोगों ने ली स्वच्छता तथा गंगा की निर्मलता एवं अविरलता की शपथ

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23 Nov  शुक्रवार को बैकुण्ठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी-2018 श्रीनगर, पौडी गढ़वाल में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत तथा केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री सुश्री उमा भारती ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वच्छता तथा गंगा की निर्मलता एवं अविरलता की 11 हजार लोगों ने शपथ ली। मुख्यमंत्री ने श्रीनगर शहर में अल्केश्वर महादेव स्नान एवं मोक्ष घाट लागत 11 करोड़ तथा 2.97 करोड की लागत से निर्मित आईटीआई मोक्ष घाट का भी लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में पार्किंग निर्माण, उद्यान विभाग की निर्सरी की चाहरदीवारी के निर्माण, पैठाणी में टैक्सी स्टैंड निर्माण, रैन बसेरा श्रीनगर का उच्चीकरण एवं सौंदर्यीकरण करने की घोषणा की। जबकि गंगा पर आधारित गीत गायन पर मुख्यमंत्री ने जीजीआईसी श्रीनगर की बालिकाओं को 51 हजार की राशि बतौर पुरस्कार के रूप में देने की घोषणा की।

इस अवसर पर आयोजित स्वच्छ भारत मिशन के तहत गंगा स्वच्छता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गंगा किनारे सभी गांवों को ओडीएफ बनाकर देश में सबसे बेहतर कार्य किया है। इस मामले में उत्तराखण्ड ने कीर्तिमान बनाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है हर गांव में कोई न कोई देव तत्व निवास करते है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने राज्य में पॉलिथीन प्रतिबंध कर उत्कृष्ट कार्य किया है। प्लास्टिक पर प्रतिबंध से हिमालय ही नहीं बल्कि हमारी उपजाऊ भूमि भी संरक्षित होगी। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा के प्रति विशेष ध्यान देने पर बल दिया। बालिकाएं खूब तन-मन से पढ़ाई कर अपने पैरों पर खड़े होकर समाज को और आगे ले जायेगी। उत्तराखण्ड की महिलाओं में दुर्गा, काली व लक्ष्मी के तीन रूप बसते हैं। वे साहसी व परिश्रमी है। उन्होंने गंगा की अविरलता को लेकर कहा कि गंगा की एक ऐसी धारा छोड़ी जाएगी जिससे जैव विविधता बनी रहेगी। हमें विकास और आस्था को साथ लेकर चलना होगा।

श्रीनगर के जीआई एंड टीआई मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जनपद के कोट ब्लाक में सीता माता की भू-समाधी स्थल पर आज भी पौराणिक मेला आयोजित किया जाता है। लोगों की आस्था आज भी सीता माता की भू-समाधी स्थल से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इसके लिए शीघ्र ही ठोस कार्ययोजना तैयार कर इस स्थल को देश और दुनिया के सामने लाएगी। इस स्थल को आस्था के एक बेहतरीन केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि देवप्रयाग से 4 किमी की दूरी पर यह स्थान विदाकोटी है। विदाकोटी से 9 किमी की दूरी पर ही सीताकोटी तथा सीताकोटी से 6 किमी की दूरी पर फलस्वाड़ी नामक स्थान है। इन सभी क्षेत्रों को मिलाकर 18 किमी का एक आस्था का भव्य केंद्र स्थापित किया जाएगा। कहा कि इस स्थान को विकसित करने के लिए उनके साथ सचिव भारत सरकार, मुख्य सचिव उत्तराखण्ड सरकार, डीजी पुलिस तथा सभी 13 जिलों के जिलाधिकारी इन सभी स्थलों की पदयात्रा करेंगे। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इसके अलावा भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस 25 दिसम्बर को प्रदेश के साढे़ 22 लाख परिवारों को अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से आच्छादित किया जाएगा। इतनी बड़ी संख्या में इस योजना का लाभ दिलाने वाला उत्तराखण्ड पहला राज्य बनेगा। साथ ही प्रदेश में सौभाग्य योजना के तहत सभी जरूरत मंदों को निःशुल्क बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराये जा चुके हैं। कहा कि अवशेष जरूरतमंदों को नवम्बर माह के अन्त तक योजना से लाभांवित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसने गंगा की अविरल धारा को ई-फ्लो करने का शासनादेश जारी किया है। कहा कि राज्य में कोई भी प्रोजेक्ट बनेगा तो उसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनुसार 15 प्रतिशत ई-फ्लो किया जाना जरूरी हेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में पॉलिथीन निषेध के क्षेत्र में उत्तराखण्ड ने अभूतपूर्व कार्य किया है। पॉलिथीन प्रदूषण को जन्म देने वाला मुख्य कारण बनता जा रहा है। प्रदेश में इसकी रोकथाम तथा इससे ऊर्जा उत्पादन के लिए हरिद्वार में एक एनर्जी प्लांट स्थापित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार के लिए अन्य राज्यों में नहीं भटकना पड़ेगा। प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों के लिए पाइन निडिल पॉलिसी बनायी जा रही है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक से चीड़ के उचित दोहन से पूरे उत्तराखण्ड की आर्थिक तसवीर ही बदली जा सकती है। इसके तहत चीड़ की पत्तियों से ईंधन, तारकोल तथा 25 किलोवाट तक बिजली उत्पादित करने समेत 143 प्रकार के उत्पाद चीड़ व इसके रेशे से तैयार किये जा सकते हैं। इसके लिए युवाओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित करने के कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल पाइन निडिल से ही पचास हजार लोगों को रोजगार प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा चीड़ से तेल व बिजली उत्पादन में प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल श्री हरक सिंह रावत को 2006 में उप जिलाधिकारी श्रीनगर में तैनाती के दौरान डोर-टू-डोर कूड़ा कलैक्शन एवं पर्यावरण मित्र योजना के प्रति प्रस्ताव रखने पर सम्मानित किया गया। साथ ही पर्यावरण मित्र रीता देवी व डॉ.वीपी नैथानी को स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व क्षेत्रीय विधायक डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि सभी लोगों को सामूहिक प्रयासों से आज 11 से अधिक लोगों ने श्रीनगर से गंगा की स्वच्छता की शपथ ली है। कहा कि इससे न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे भारतवर्ष में गंगा की अविरलता और उसकी स्वच्छता के प्रति एकजुट होने का संदेश जाएगा। कहा कि प्राचीन काल से ही गंगा मैया ने मानव जाति का उत्थान किया है। आज समय आ गया  है कि हम सभी एकजुट होकर गंगा की स्वच्छता में जुट जांए। उन्होंने एनआईटी को किसी भी दशा में श्रीनगर से बाहर नही ले जाने की बात कही। उन्होंने श्रीनगर में ऑडिटोरियम बनाने तथा 52 बैडों का एक अस्पताल श्रीनगर में बनाये जाने, नये चौरास पुल निर्माण की मांग की। इस मौके पर केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता सचिव परमेश्वरन अय्यर ने अपने संबोधन में स्वच्छ भारत मिशन तथा गंगा स्वच्छता को लेकर किये जा रहे कार्यां पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड ने एक घंटे में एक लाख से अधिक पौधरोपण कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में गंगा ग्राम योजना के तहत उत्तराखंड के गंगा किनारे स्थित गांवों में 36 लाख से अधिक पौधे लगाये जा चुके हैं।

सूचना एंव लोक सम्पर्क विभाग कार्यालय पौड़ी ने प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का प्रचार साहित्य वितरित कर लोगों को सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं की जानकारियां भी दी।

इस मौके पर पौड़ी विधायक श्री मुकेश कोली, देवप्रयाग विधायक श्री विनोद कंडारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।