एम.एस.एम.ई. का क्षेत्र उत्तराखण्ड में महत्वपूर्ण- एम.एस.एम.ई. का क्षेत्र उत्तराखण्ड में महत्वपूर्ण

22

08 Oct  उत्तराखण्ड इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन सोमवार को एम.एस.एम.ई. सेशन के अन्तर्गत वित्त मंत्री श्री प्रकाश पंत ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि एम.एस.एम.ई. का क्षेत्र उत्तराखण्ड में महत्वपूर्ण है। उन्होंने निवेशकों को राज्य में पूंजी निवेश करने के लिये प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग के क्षेत्र में एक अच्छा माहौल बना हुआ है। हमारे पास कुशल मानव संसाधन, सस्ती बिजली व कानून व्यवस्था है। उद्योग के क्षेत्र में राज्य से बेहतर वातावरण देश में किसी अन्य राज्य में नही मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा कौशल विकास के क्षेत्र में 13800 बच्चों को प्रशिक्षित किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमने एक लाख बच्चों को प्रशिक्षित कर स्किल करने का लक्ष्य रखा है। पूंजी निवेश के माध्यम से एम.एस.एम.ई. को और बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर पैदा करना है।

श्री पंत ने कहा कि राज्य में एम.एस.एम.ई. के क्षेत्र में निवेश आने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की काफी सम्भावनाएं हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्यमियों को हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है, ताकि उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो। इन्वेस्टर्स समिट के विभिन्न रोड़ शो के दौरान विभिन्न उद्यमियों व व्यापारिक संगठनों से मिले सुझावों को शामिल करते हुए दस नीतियां बनाई गईं। इनमें निवेश के अनुकूल प्राविधान किए गए हैं। मध्यम व लघु व्यवसायियों को कई तरह की सहूलियतें दी गई हैं। जीएसटी में छोटे व्यापारियों का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि 20 लाख तक के टर्नओवर के उद्यमों को जीएसटी के अन्तर्गत छूट प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में एम.एस.एम.ई. के उद्योग सहित अन्य बडे व छोटे उद्योग भी स्थापित है। श्री पंत ने कहा कि निवेशक राज्य में पूंजी निवेश किस क्षेत्र में करें, इस हेतु हमने तीन प्रकार की श्रेणीयां बनाई है। उन्होंने कहा कि यदि उद्यमी पिथौरागढ़, चम्पावत, चमोली, उत्तरकाशी व हिमालय से लगे हुए क्षेत्रों में उद्यम स्थापित करते है, तो भूमि खरीद में स्टाॅम्प शुल्क में सब्सिडी दी जायेगी।

श्री पंत ने कहा कि प्रदेश में सड़क, रेल व वायु सेवा भी बेहतर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिवर्ष 800 किलोमीटर सड़क का निर्माण होता हैै। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक रोड कनैक्टिविटि बेहतर है। 250 तक की आबादी वाले गावों को भी सड़क मार्ग से जोडा गया है। कर्णप्रयाग-ऋषिकेश रेल लाईन का कार्य भी गतिमान है। आॅल वेदर रोड का कार्य भी तेज गति से किया जा रहा है। आॅल वेदर रोड का कार्य पूर्ण होने के बाद सड़क कनैक्टिविटि और भी बेहतर होगी, जिससे आवागमन को और अच्छी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमारी रोड कनैक्टिविटि बेहतर है, हम देश के बडे शहरों से जुड चुके है। उन्होंने कहा कि हमारी हवाई सेवा भी बेहतर है। देश के प्रमुख शहरों के लिये जौलीग्रांट एयरपोर्ट से हवाई सेवाएं प्रदान की जा रही है। जबकि प्रदेश में देहरादून से पंतनगर तक हवाई सेवा भी शुरू की गई है। इसके साथ ही आज उडान योजना के अन्तर्गत देहरादून से नैनीसैनी एयरपोर्ट पिथौरागढ तक भी हवाई सेवा शुरू की जा चुकी है। इस अवसर पर एमएसएमई क्षेत्र से संबंधित विभिन्न एमओयू हस्ताक्षरित किये गये।

इस अवसर पर अपर सचिव भारत सरकार श्री राममोहन मिश्रा, प्रमुख सचिव उद्योग श्रीमती मनीषा पंवार, महानिदेशक/आयुक्त उद्योग श्रीमती सौजन्या, उद्योग समूह के प्रतिनिधियों, विषय विशेषज्ञों, बैंकर्स सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।