छात्रसंघ चुनाव के सम्बन्ध में राज्यमंत्री डाॅ0 धन सिंह रावत ने बैठक की

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24 August  प्रदेश के सहकारिता, उच्च शिक्षा, दुग्ध विकास एवं प्रोटोकाॅल राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 धन सिंह रावत ने विधान सभा सभाकक्ष में छात्रसंघ चुनाव के सम्बन्ध में बैठक की। बैठक में कहा गया सत्र नियमन एवं 180 दिन की कक्षा संचालित करने के लिए पूरे प्रदेश में लिंगदोह सिफारिश के अनुसार, एक दिन में, छात्रसंघ चुनाव सम्पन्न होगा।

लिंगदोह सिफारिश के अनुसार छात्रसंघ चुनाव 10 सितम्बर एवं छात्र महासंघ के चुनाव 15 सितम्बर के पूर्व सम्पन्न करना अनिवार्य है। इसलिए छात्रसंघ चुनाव 10 सितम्बर तक एवं 15 सितम्बर तक छात्र महासंघ चुनाव सम्पन्न कर लिया जायेगा। पूरे राज्य के लिए एक दिन चुनाव हेतु दिन निर्धारित होगा, इस हेतु शीघ्र सम्बन्धित प्राचार्य अधिसूचना जारी करेंगे। उत्तराखण्ड पहला राज्य है, जहाँ लिंगदोह सिफारिश को व्यवहारिक बनाने के लिए प्रोफेसर धामी की अध्यक्ष में बनायी गई समिति ने संशोधन किया गया है। इस समिति के अनुसार छात्रसंघ चुनाव में 6 पद चुनाव से एवं 6 पद नामित सदस्यों से लिए जायेंगे। नामित सदस्य में स्नातक और  परास्नातक के टापर्स, एन.सी.सी., एन.एस.एस. एवं रचनात्मक गतिविधियों में शामिल छात्रों को शामिल किया जायेगा। जहाँ प्राचार्य की मांग होगी, वहाँ ई.वी.एम. से चुनाव कराया जायेगा।

छात्रसंघ चुनाव सीमा 5 हजार से बढ़ाकर 25 हजार किया एवं जहाँ 10 हजार से अधिक छात्र होंगे खर्च की सीमा 50 हजार होगा। महासंघ के खर्च को संचालित करने के लिए 5 रू0 प्रति छात्र वार्षिक लिया जायेगा। छात्रसंघ कोष में प्राचार्य एवं चुनाव अधिकारी/अधिष्ठाता छात्र कल्याण के साथ अध्यक्ष, महासचिव एवं कोषाध्यक्ष को संयुक्त रूप से खर्च करने का अधिकार दिया जायेगा। छात्रसंघ चुनाव में चुने गये अध्यक्ष एवं महासचिव को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में आकदमिक परिषद के अन्दर शामिल किया जायेगा। चुनाव के तुरन्त बाद सरकार छात्रसंघ सम्मेलन का आयोजन करेगी, इसमें उच्च शिक्षा गुणवत्ता के लिए सुझाव लिये जायेंगे। उपाध्यक्ष का पद महिला आरक्षित होगा एवं अध्यक्ष एवं महासचिव के पद आगामी चुनाव में रोटेशनवार आरक्षित होगा।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा सचिव अशोक कुमार, कुलपति श्रीदेव सुमन वि.वि. यू.एस.रावत, कुलपति कुमाऊ वि.वि. डी.केे नौरियाल, कुलपति आवासीय वि.वि. प्रो. धामी, निदेशक उच्च शिक्षा जे.पी. घिल्डियाल एवं काॅलेजों के प्राचार्य मौजूद थे।