शिशुओं को कुपोषण से बचाने के लिए स्तन पान आवश्यक: रेखा आर्या

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Published on 1/08/2017  प्रदेश में राष्ट्रीय स्तन पान सप्ताह इस बार जोर-शोर से मनाया जायेगा। इस बावत ठोस कार्य योजना के साथ महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस विशेष अभियान के संबंध में महिला एवं बाल कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती रेखा आर्या ने राज्य के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों से लेकर आंगनबाडी कार्यकत्रियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत उन्हें कहा गया है कि वे नव प्रसूताओं तथा दो वर्ष के शिशुओं की माताओं को बच्चों के लिए स्तनपान कराने के लिए जागरूक करें।

श्रीमती आर्या ने एक अगस्त से शुरू होने वाले राष्ट्रीय स्तनपान सप्ताह की पूर्व सन्ध्या पर प्रदेश की महिलाओं को अपना एक संदेश भी जारी किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि नव प्रसूताओं को यह जानना आवश्यक है कि स्तन पान कराने से उनके शिशु को कुपोषण से बचाया जा सकता है। इससे शिशु स्वस्थ रहते हैं और ताकतवर बनते हैं।
महिला एवं बाल कल्याण राज्यमंत्री ने प्रदेश की महिलाओं को परामर्श दिया है कि जन्म से एक घंटे के अंदर शिशु को मां का प्रथम गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) जरूर पिलाएं। साथ ही, अगले छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान ही कराएं। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि शिशु को शुरू के छह माह तक शहद, घूटी, पानी आदि नहीं पिलाएं। छह माह उपरांत स्तन पान के साथ दाल, पतली खिचडी जैसे अर्द्ध ठोस आहार खिलाएं।
श्रीमती आर्या ने आगामी सात अगस्त चलने वाले राष्ट्रीय स्तन पान सप्ताह के दौरान, संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवी संगठनों से माताओं को स्तन पान कराने के लिए प्रेरित करने का आह्वान भी किया है।